Shayari

  • Arz Kiya Hai

    “ना मौल्वी ना पादरी ना पुजारी से आस है, दादरी ने मेहसूस किया रक्त रंजित इतिहास है” ….. “अनुभवी बहुत हैं ज़माने में सलाह लेना ज़रूरी है, पर सीख लिया है इतना कौनसी ज़रूरी है” ….. “आज यार मज़ा आ गया”, कहे एक जमाना हो गया, खता हमारी है या हर बहाना खो गया” Thoughtfully Yours – Abhinav … Read more...


  • Arz Kiya Hai

    1.) सीखना सीखों से मुश्किल है जनाब,हर सीख तकलीफ़ भी देती है तकलीफ़ सेहने की फितरत मिलती नहीं अब,मर्ज दबाने की नियत रेहती है     2.) भूख में रोटी न मिले,पर बुलन्दी पर पहुँचने  की चाह रहे उसूल अगर हो यह जीने का तो खुद मंज़िल पर खुदा दिखे       3.) अनुभवी बहुत … Read more...