Arz Kiya Hai

“ना मौल्वी ना पादरी ना पुजारी से आस है, दादरी ने मेहसूस किया रक्त रंजित इतिहास है”

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“अनुभवी बहुत हैं ज़माने में सलाह लेना ज़रूरी है, पर सीख लिया है इतना कौनसी ज़रूरी है”

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“आज यार मज़ा आ गया”, कहे एक जमाना हो गया, खता हमारी है या हर बहाना खो गया”

Thoughtfully Yours – Abhinav Dwivedi